आज के दौर में अगर जेब में बटुआ न हो तो चलता है, लेकिन फोन में UPI ऐप न हो तो काम अटक जाता है। भारत में डिजिटल क्रांति तो आ गई, लेकिन इसके साथ आए हैं डिजिटल ठग। अक्सर लोग मुझसे पूछते हैं— "अनुराग भाई, पैसे भेजने के लिए Google Pay सुरक्षित है या PhonePe?"
सच्चाई यह है कि दोनों ही ऐप्स NPCI (National Payments Corporation of India) के कड़े नियमों पर चलते हैं, लेकिन 2026 के इस दौर में सुरक्षा के मायने बदल गए हैं। चलिए, इन दोनों का कच्चा-चिट्ठा खोलते हैं।
1. बुनियादी ढांचा: दोनों की जड़ें कितनी गहरी हैं?
सबसे पहले यह समझें कि सुरक्षा सिर्फ ऐप के अंदर नहीं, उसके पीछे के 'ईकोसिस्टम' में होती है।
Google Pay: यह सीधे आपके Google अकाउंट से जुड़ा है। इसका फायदा यह है कि Google के पास दुनिया का सबसे उन्नत Fraud Detection इंजन है। अगर कोई संदिग्ध एक्टिविटी होती है, तो Google का AI उसे भांपने में माहिर है।
PhonePe: यह पूरी तरह से भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। 2026 में PhonePe ने 'PhonePe Protect' नाम का एक नया फीचर लॉन्च किया है, जो सीधे सरकार के DoT (Department of Telecom) के डेटाबेस से जुड़ा है। यह किसी भी संदेहास्पद नंबर पर पैसे भेजने से पहले आपको 'लाल झंडी' दिखा देता है।
2. सुरक्षा फीचर्स: किसके पास कौन सा हथियार है?
| फीचर | Google Pay | PhonePe |
| स्क्रीन लॉक | अनिवार्य (Fingerprint/PIN) | अनिवार्य |
| UPI PIN | हर ट्रांजैक्शन के लिए जरूरी | हर ट्रांजैक्शन के लिए जरूरी |
| Spam Filter | अनजान नंबरों पर चेतावनी देता है | PhonePe Protect (ज्यादा एडवांस) |
| UPI Lite | छोटे पेमेंट के लिए सुरक्षित वॉलेट | सुरक्षित और तेज ऑफलाइन मोड |
| Customer Support | थोड़ा धीमा (Chat/Email) | भारत के हिसाब से तेज (Voice Support) |
3. 'कसूता आर्य' का विश्लेषण: असली खतरा कहाँ है?
दोस्तो, यहाँ मैं एक कड़वा सच बताना चाहता हूँ। चाहे आप Google Pay इस्तेमाल करें या PhonePe, कोई भी ऐप आपको 'सोशल इंजीनियरिंग' (Social Engineering) से नहीं बचा सकता। अधिकतर स्कैम ऐप की कमी से नहीं, बल्कि आपकी एक गलती से होते हैं। स्कैमर्स अब ऐप को हैक नहीं करते, वे 'आपका दिमाग' हैक करते हैं।
Google Pay पर अक्सर 'कैशबैक' के नाम पर लोग पैसे गंवा देते हैं।
PhonePe पर 'Request Money' का इस्तेमाल करके ठग लोगों से पिन डलवा लेते हैं।
मेरा अनुभव: Google Pay की सुरक्षा 'Global' लेवल की है, लेकिन PhonePe ने भारतीय स्कैमर्स के तरीकों को बेहतर तरीके से समझा है और उनके खिलाफ स्थानीय स्तर पर सुरक्षा बढ़ाई है।
4. 2026 के नए नियम और सुरक्षा
अब NPCI ने Real-time Alert सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को पैसे भेज रहे हैं जिसके खिलाफ पहले साइबर शिकायत हुई है, तो दोनों ऐप्स अब ट्रांजैक्शन को 'होल्ड' पर डाल देते हैं।
Google Pay की खासियत: अगर आपका फोन खो जाता है, तो आप 'Find My Device' के जरिए तुरंत अपने पेमेंट अकाउंट को डी-एक्टिवेट कर सकते हैं।
PhonePe की खासियत: इसमें अब 'Cyber Insurance' का विकल्प भी मिलता है, जो कुछ रुपयों में आपके डिजिटल पैसों का बीमा करता है।
कसूत आर्य का फैसला (Verdict)
अगर आप मुझसे पूछें कि मैं क्या चुनूँगा:
अगर आप सादगी और Google के भरोसे के साथ जाना चाहते हैं: तो Google Pay बेस्ट है। इसका इंटरफेस साफ़ है और यह फालतू के विज्ञापनों से दूर रहता है।
अगर आप बहुत ज्यादा ट्रांजैक्शन करते हैं और 'Alerts' चाहते हैं: तो PhonePe बेहतर है। भारत के सरकारी डेटाबेस (DoT) के साथ इसका तालमेल इसे स्कैमर्स के खिलाफ एक कदम आगे रखता है।
मेरी सलाह: सुरक्षा ऐप में नहीं, आपकी उंगलियों में है। याद रखें, पैसे 'प्राप्त' करने के लिए कभी पिन (PIN) डालने की जरूरत नहीं होती।