आप यह जानना चाहते हैं कि ICDS के तहत मुख्य सेविका (Mukhya Sevika) का पद क्या होता है? ग्रामीण भारत के विकास और बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में इस पद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस लेख में हम मुख्य सेविका की शक्तियों, उनके अधिकारों और उत्तरदायित्वों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
मुख्य सेविका (Mukhya Sevika) कौन होती हैं?
मुख्य सेविका, जिसे पर्यवेक्षक अधिकारी (Supervisor) के नाम से भी जाना जाता है, ICDS कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह पद मुख्य रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के बीच एक पुल (Bridge) का कार्य करता है।
एक मुख्य सेविका के अंतर्गत आमतौर पर 25 से 40 आंगनबाड़ी केंद्र आते हैं। उनका प्राथमिक कार्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जमीनी स्तर पर सही ढंग से लागू हो रही हैं या नहीं।
मुख्य सेविका के मुख्य कार्य
मुख्य सेविका के कार्यों को हम निम्नलिखित बिंदुओं में समझ सकते हैं:
1. आंगनबाड़ी केंद्रों का पर्यवेक्षण (Supervision)
मुख्य सेविका का सबसे बड़ा काम अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण अर्थात जांच दौरा करना है। वे देखती हैं कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता (AWW) और सहायिका अपना काम ठीक से कर रही हैं या नहीं।
2. रिकॉर्ड की जांच
आंगनबाड़ी में रखे जाने वाले रजिस्टरों (जैसे- स्टॉक रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर, टीकाकरण रिकॉर्ड) की सत्यता की जांच करना मुख्य सेविका की जिम्मेदारी है। यदि आंगनवाड़ी के किसी रिकॉर्ड में हर फेर या गलतियां पाई जाती है तो मुख्य सेविका द्वारा उस आंगनवाड़ी पर कार्यवाही की जाती है.
3. स्वास्थ्य और पोषण (Health & Nutrition)
आंगनवाड़ियों द्वारा बच्चों के वजन की जांच करवाना और कुपोषित बच्चों की पहचान करवाना।
गर्भवती और धात्री (स्तनपान कराने वाली) महिलाओं को मिलने वाले पूरक पोषाहार का वितरण जांचना।
टीकाकरण (Vaccination) कार्यक्रम सही रूप से हो रहे है या नही ये जांच करना।
4. शिकायतों का समाधान और कार्यवाही
आंगनवाड़ी केंद्र के खिलाफ आने वाली शिकायतों का समाधान और उन शिकायतों के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करना मुख्य सेविका के अधिकार क्षेत्र में आता है.
यदि आंगनवाड़ी के खिलाफ कोई शिकायत आती है जिसमे पाया जाता है की आंगनवाड़ी के द्वारा बच्चों को पढ़ाया नही जा रहा है, या फिर पोषाहार में धांधली की जा रही है, इसे में आंगनवाड़ी के ऊपर कार्यवाही करना मुख्य सेविका की जिम्मेदारी है.
मुख्य सेविका की शक्तियाँ और अधिकार (Powers and Rights)
एक मुख्य सेविका के पास प्रशासनिक और कार्यात्मक दोनों प्रकार की शक्तियां होती हैं:
निरीक्षण का अधिकार: उन्हें किसी भी समय अपने क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने का अधिकार है।
रिपोर्टिंग पावर: यदि कोई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने कर्तव्यों का पालन नहीं कर रही है, तो मुख्य सेविका उसकी रिपोर्ट CDPO को भेज सकती हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन रोकना : यदि कोई आंगनवाड़ी संचालिका कार्य ठीक से नहीं करती या फिर गबन करते हुए पाई जाती है तो मुख्य सेविका अर्थात पर्यवेक्षक अधिकारी उसे नौकरी से निकाल सकती है, या कुछ समय के लिए वेतन रोक सकती है.
सत्यापन का अधिकार: लाभार्थी सूची (Beneficiary List) को सत्यापित करना और राशन वितरण की मात्रा की जांच करना उनके अधिकार क्षेत्र में आता है।
मार्गदर्शन का अधिकार: केंद्रों पर होने वाली किसी भी समस्या का समाधान करने और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आदेश देने का अधिकार उनके पास होता है।
मुख्य सेविका के लिए योग्यता (Eligibility Criteria)
आम तौर पर, इस पद के लिए निम्नलिखित योग्यताएं आवश्यक होती हैं:
शैक्षिक योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation), अधिमानतः समाजशास्त्र (Sociology), गृह विज्ञान (Home Science), या बाल विकास विषय में।
लिंग: भारत के अधिकांश राज्यों में यह पद केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित होता है।
नियुक्ति: मुख्य सेविका की नियुक्ति UPSSSC के द्वारा की जाती है.
मुख्य सेविका का प्रमोशन
मुख्य सेविका का प्रमोशन सीधे तौर पर सीडीपीओ के रूप में होता है, इसके बाद डीपीओ बनने के अवसर होते हैं.
प्रमोशन के लिए अधिक योग्यता और अच्छे अनुभव की जरूरत पड़ती है, सीडीपीओ के गैर मौजूदगी में मुख्य सेविका ही बाल विकास परियोजनाओं में सीडीपीओ का कार्यभार संभालती है.
निष्कर्ष (Conclusion)
मुख्य सेविका का पद समाज के कमजोर वर्गों, बच्चों और महिलाओं के उत्थान के लिए बहुत प्रभावशाली है। उनके पास न केवल प्रशासनिक शक्तियाँ होती हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का अवसर भी होता है। यदि आप सामाजिक सेवा और सरकारी प्रशासन में रुचि रखते हैं, तो यह एक उत्कृष्ट करियर विकल्प है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. मुख्य सेविका का वेतन कितना होता है?
विभिन्न राज्यों में वेतन अलग-अलग होता है, लेकिन आमतौर पर यह पे-मैट्रिक्स लेवल 5 या 6 के अंतर्गत आता है (लगभग ₹25,000 से ₹35,000 प्रतिमाह + भत्ते) अर्थात कुल वेतन 50 हजार से 1 लाख 20 हजार तक होता है।
2. क्या पुरुष मुख्य सेविका बन सकते हैं?
नहीं, ICDS के नियमानुसार यह पद विशेष रूप से महिलाओं के लिए ही डिजाइन किया गया है।
3. मुख्य सेविका के ऊपर कौन सा अधिकारी होता है?
मुख्य सेविका सीधे तौर पर CDPO (Child Development Project Officer) को रिपोर्ट करती हैं।