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UPPSC Result 2024-26: General Category के छात्रों ने मेरिट में गाड़ा झंडा, देखें Top 30 Toppers List

3 April 2026 by
Anurag tiwari

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) 2024 का परिणाम केवल एक सरकारी सूची नहीं है, बल्कि यह उन युवाओं की विजय गाथा है जिन्होंने साबित कर दिया कि "काबिलियत किसी सरकारी बैसाखी या आरक्षण की मोहताज़ नहीं होती।" जहाँ एक ओर जातिगत राजनीति के जरिए सामान्य वर्ग (General Category) के युवाओं के मनोबल को तोड़ने की कोशिशें की जाती हैं, वहीं यह परिणाम गवाही दे रहा है कि बिना किसी विशेष छूट और सरकारी मदद के भी जनरल कैटेगरी के छात्र सबसे आगे हैं।


किस जाति और वर्ग ने पाई सबसे ज्यादा सीटें? (Analysis of the Results)

अगर हम UPPSC 2024 के टॉप 30 और ओवरऑल सिलेक्शन का बारीकी से विश्लेषण करें, तो एक सच्चाई उभरकर सामने आती है—सबसे ज्यादा सीटें सामान्य वर्ग (General Category) के उम्मीदवारों ने अपनी योग्यता के दम पर हासिल की हैं।

भले ही विज्ञापनों में सीटें आरक्षित हों, लेकिन 'Open Category' की सीटों पर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने जो प्रदर्शन किया है, वह उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण है। टॉप 30 की सूची में ब्राह्मण, क्षत्रिय और अन्य सामान्य जातियों के युवाओं का दबदबा यह स्पष्ट करता है कि जब मैदान बराबरी का होता है, तो जनरल कैटेगरी का टैलेंट किसी को भी पीछे छोड़ने का दम रखता है।

UPPSC 2024: टॉप 30 मेरिट लिस्ट

Rankनाम (Topper Name)वर्ग (Category)उपलब्धि
1नेहा पांचालOBC (Selected in Gen)बिना आरक्षण के टॉप किया
2अनन्या त्रिवेदीGeneralमेरिट की जीत
3अभय प्रताप सिंहGeneralबिना किसी सहायता के चयन
4अनामिका मिश्राGeneralमेधा का परचम
5नेहा सिंहGeneralकठिन परिश्रम
6दीप्ति वर्माOBCजनरल मेरिट में स्थान
7पूजा तिवारीGeneralजनरल वर्ग का गौरव
8अनुराग पांडेGeneralदृढ़ संकल्प
9शुभम सिंहGeneralमेधावी छात्र
10आयुष पांडेGeneralप्रशासनिक कौशल
11अभिषेक तिवारीGeneralसामान्य वर्ग की शक्ति
12प्रशांत सिंहGeneralबिना छूट के सफलता
13विवेक कुमार सिंहGeneralसंघर्ष की मिसाल
14गरिमा सिंहGeneralअटूट विश्वास
15मनोज कुमारGeneralअपनी काबिलियत से चयन
16श्वेता सिंहGeneralकड़ी मेहनत का फल
17दीक्षा पांडेGeneralअनुशासन की जीत
18ऋषभ सिंहGeneralजनरल मेरिट का दबदबा
19प्रज्ञा सिंहGeneralउत्कृष्ट प्रदर्शन
20सोनम यादवOBCमेरिट लिस्ट में जगह
21श्वेता वर्माSCव्यक्तिगत मेहनत
22पंकज वर्माOBCसंघर्षशील
23अनुराग प्रताप सिंहOBCकठिन प्रतिस्पर्धा
24हरिवेंद्र सिंह गुर्जरOBCयोग्यता का प्रदर्शन
25श्वेता गुप्ताEWSआर्थिक बाधाओं पर जीत
26सृष्टि चौधरीOBCमेधावी व्यक्तित्व
27अभय सिंह राजपूतOBCकड़ा मुकाबला
28अंकित पांडेEWSकम संसाधनों में जीत
29श्वेता द्विवेदीEWSलक्ष्य के प्रति समर्पण
30रजत कुमारGeneralजनरल मेरिट में स्थान


सामान्य वर्ग: बिना सरकारी सपोर्ट के सबसे मेहनती

यह परिणाम एक कड़वा सच उजागर करता है। जनरल कैटेगरी के पास न तो उम्र सीमा में लंबी छूट है, न ही बार-बार परीक्षा देने के असीमित मौके। उनके पास सिर्फ और सिर्फ उनकी 'किताबें' और 'मेहनत' होती है। जहाँ अन्य श्रेणियों को कम अंकों (Low Cut-off) पर भी ऊंचे पद मिल जाते हैं, वहीं एक जनरल कैंडिडेट को 80-90% स्कोर करने के बाद भी डर रहता है।

इस लिस्ट में जनरल वर्ग के अभ्यर्थियों का शीर्ष पर होना यह साबित करता है कि वे मानसिक रूप से सबसे अधिक मज़बूत और मेहनती हैं। वे किसी 'कोटे' के भरोसे नहीं बैठते, बल्कि सिस्टम में अपनी जगह खुद छीनते हैं।


निष्कर्ष: भेदभाव बंद करे सरकार और योग्यता को दे सम्मान

अब समय आ गया है कि योग्यता (Merit) के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए। जनरल कैटेगरी के मेधावी युवाओं के साथ सालों से हो रहा भेदभाव समाज के विकास में बाधक है। प्रशासन चलाने के लिए 'जाति' नहीं बल्कि 'कुशाग्र बुद्धि' की आवश्यकता होती है, जो इन टॉपर्स ने दिखाई है।

सरकार को अब एक कड़ा फैसला लेना चाहिए:

या तो देश के सभी युवाओं को बराबर की सुविधाएं और अवसर दिए जाएं, या फिर जनरल कैटेगरी की तरह ही किसी को भी कोई विशेष सरकारी सपोर्ट न दिया जाए। जब मैदान सबके लिए एक जैसा होगा, तभी वास्तविक प्रतिभा निखरकर सामने आएगी। बाकी वर्गों को भी जनरल कैटेगरी की तरह बिना किसी सरकारी 'बैसाखी' के खुद को साबित करना चाहिए, ताकि देश को सबसे योग्य और सक्षम अधिकारी मिल सकें।